Gopal Sinha

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दैनिक कविता प्रतियोगिता -18-Feb-2022

मोबाइल
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दूरभाष का लघु संस्करण
मोबाइल--
जाना-पहचाना,सर्वप्रिय,
एक बहु-उपयोगी उपकरण !

संवाद हो या समाचार,
कृषि, क्रीड़ा, व्यापार,
ज्ञान-विज्ञान, मनोरंजन,
विज्ञापन अथवा विपणन,
मंडी हो या मौसम--
सूचनाएं देता अनुपम।

दूरी और समय
इसने मिटा दी हैं।
दूर बैठे लोगों की
अनगिनत समस्याएं,
ढेर-सारी चिंताएं
घटा दीं हैं।

बस अपनों के लिए
थोड़ा समय
और दिलों में
थोड़ी-सी जगह
छोड़ दे।
फिर समय को
जिधर चाहे
मोड़ दे।

सोचने की बात है,
दिन है, कि रात है--
धरती के एक कोने से,
दूसरे कोने तक--
संवाद की है सुविधा।
फिर परिवार में,
पड़ोसियों से
दो बातें कर लेने में
क्यों है संकोच,
कैसी असुविधा ?

दोष यंत्र का नहीं,
हम सब का है।
यंत्र में हो रहे हैं--
नित नये सुधार,
कार्य-क्षमता का विस्तार।
आपसी संबंधों के प्रति,
हम भी हो सकते हैं--
सचेष्ट और उदार।

---- स्व-रचित

( गोपाल सिन्हा,
   पटना, बिहार,
   १८-२-२०२

   7
4 Comments

Ekta shrivastava

19-Feb-2022 12:42 PM

Nice

Reply

Abhinav ji

19-Feb-2022 09:19 AM

Very nice

Reply

Punam verma

19-Feb-2022 07:58 AM

Nice

Reply